​दिलासा!!!

इंतेजार था मुझे, थी एक आशा बंधी,
जीता था हर दिन,
हर पल रहती थी ये चाहत,
मिलेगी वो राह चलते,
इस पग पर या उस पथ पर।
कैसे पहचानेगी उन आँखों को,
ये आँखें मेरी,
भय था कि पास आ कर भी,
हो न जाये फिर वो दूर कहीं,
करता था मैं दुआ हर वक़्त उस खुदा से,
रहना नहीं अकेले अब बस मेरे!
कह गया ग़ालिब गुजरते मेरे बगल से,
वक़्त सिर्फ लाता नहीं तोहफे बिना किसी खत के!!

Distant Love

Every time I see that face, 
I just want to kiss that lips,
Kiss those eyes, 
I imagine feeling your breath,
The warmth, 
I want you to hold me, 
And tell me stories,
And I smile looking at that face. 
Those big eyes,
That big smile, 
Makes me question the maker,
Why can’t I fly.