Life is my teacher!!!

​Drips and drops, 

I walk on rocks, 

Living my life in freedom, 

Finding my own spot,

Let the flow be against me,

Let it be as cold it can,

But I find what I wish to, 

In the dark, 

On the hard rock. 

A string is enough for me to balance, 

The focus is on my own strength,

My life has taught me things, 

Everywhere, the splash of knowledge, 

Is what I see!!

Together We Light!!!

image

We light, we glow,
We hang together,
Fight darkness,
Shine continuously,
We are copy,
Still work together,
We don’t compete,
But share our work,
Glow together and light others!

Tangled together,
Spiral filament,
Burn our self,
To shine others life,
Still hang together,
Tangled with each other,
Until one dies,
Or get haunted,
By one whom we gave light.

We light, we glow,
We hang together,
Fight darkness,
Shine continuously!!!

खतरे में है!!!

आज हम खतरे में हैं, आज मानवता खतरे में है|

कोई शोर मचा रहा, कोई कहीं चिल्ला रहा,
कोई हिंदुत्व को बेचारा बता रहा,
कोई मुस्लिमों को कहर का सताया बता रहा,
खतरे में दिखा धर्म को, वहां खड़ा भीड़ जुटा रहा,
कहता है, धर्म हमारा खतरे में है,
जागो ए देशवाशियो हिंदुस्तान हमारा खतरे में है|

बच्चा बगल में बिलख रहा, भूखा पड़ा कराह रहा,
ठोकर खाता वो बूढ़ा अपने नसीब को कोसा जा रहा,
देखो उस रईस को देखो,खुद तो भोजन फेक रहा,
न वो खुद खा रहा न किसी को खाने दे रहा,
बस खड़ा दुत्कार रहा, कह रहा ‘तेरा जीवन खतरे में है’
जागो ए मानव इंसानियत हमारा खतरे में है|

अनपढ़ नेता बन बैठा, शासन हम पर कर रहा,
अपनी कुर्सी पर बैठ कर हवालदार भी पैसे मांग रहा,
कोई काम ऐसे यहाँ होता नहीं, कितने जानकार हो तुम,
ए कोई यहाँ पूछता नहीं, बोलती है हर की जेब यहाँ,
न हो पैसे तो सुनना पड़ता है भविष्य तेरा खतरे में है,
जागो ए भविष्य निर्माताओ, ज्ञान हमारा खतरे में है|

आज हम खतरे में हैं, आज मानवता खतरे में है|

Rolling water on my window pane!!!

Rain 016

Rolling water on my window pane,

Reflecting image of all kind,

Glowing with brightness outside,

Still with a line of blackness on down side!

Not stable at all,New water droplets make it roll,

Larger it gets, heavier it becomes

More it collects on it way,

Rolling on the smooth surface,

Giving a motion to all the small ones.

Cleaning the dirt, making it way

Staying on ground reach its destination.

Life is not different,

Inspire from the rolling water,

You should reflect your society

Over passing darkness of yours,

Don’t be lazy keep moving,

More you learn harder becomes your duties,

Share your knowledge on the way,

Clear up the dirt, make your way,

Show illiterates the right pathway,

Stay grounded with your achievements

While you leave clean and beautiful

From the lanes you pass away.

दुःख! जिंदगी सिक्के का एक पहलु !!!

दुःख!
भावनाओ से भरे जिंदगी का एक चेहरा है ऐसा भी,
जिसे देखने से कतराते सब,
चाहते न हो किसी का सामना उससे,
फिर भी सिक्का जिन्दगी का गिरता है इस पट को ऊपर किये|

है दुखी कोई किसी के खो जाने से,
कोई दुखी है किसी को न पाने से,
कोई अकेला पड़ा दुखी हो रहा,
हर का किस्सा है अलग, लेकिन भरा दुःख है पड़ा
हर किसी के सतरंज के एक खाने में|

हूँ दुखी मैं भी हर किसी के तरह,
लेकिन साथ अपनों का दबा रखा उसे
कौन कहता है, रोने से दुःख हैं मिट जाते,
हसो और फिर हसने का असर देख लो |

जिंदगी है घूमता चक्का सफ़र तय करना है तुझे,
हो दुखी अपने हर पल में तुम चलने की सोच रहे ,
तो रह जाओगे छुट पीछे तुम बेचारे,
रह खुश, बांटों ख़ुशी! देखो तुम रफ़्तार फिर इसकी
मंजिल मिले जब भी भी तुम्हे,
कष्ट न होगी इस सफ़र में दोस्त मेरे!

सिक्के के हर पहलु पर हंस के देखो,
सुख के पट गिरे तो फिर बात कैसी,
गर गिरे ये दुःख के पट,
फिर हंसों क्योंकि हुई उससे जीत किसी की!

दुःख!
भावनाओ से भरे जिंदगी का एक चेहरा है ऐसा भी|

We All are Same!!

My Nerves were calm,
Pulses were running with gentle speed,
Nor it was the rush of peak over,
Neither was there any thing to cover.

No guilt was biting me from inside,
Neither I felt any how deprived,
I was happy with what I was,
Cheerfully enjoying my life as it was.

Some thing happened that another day,
Left me soaked in pain as I say,
It was hard on me and every other,
But there was no one who did bother.

He was shouting on the peak of his voice,
Cursing everyone he could see,
Followers behind him were facing the same,
And were joining him with new names.

But no one came to make the change,
Just blaming on each other & taking names,
What was the point I couldn’t see?
No work but giving advise as they are free.

Moreover, it was just not an incident,
The situation is common and permanent,
We just complain around thinking it will change,
But as we all know by now, no one is different.

जीता कहलायेगा तू उस पार वीरगति के|

हूँ किनारे पर खड़ा मैं डर रहा गहराइयों से,
बज उठते हैं कान मेरे उठते लहरों के फुफकार से,
गोल उठता हर भवंर जैसे ले मुझे समेट रहा,
हार से हारा पड़ा मैं इंसान एक बुजदिल सा|

खोया ख्वाबों में रंगीनियों में डूब गया,
जैसे हर मजिल चाहत का मैंने पा लिया,
पागल मन खुश हो रहा देख के पुल रेत के,
हीरे मान बैठा उस शीशे की चमक को देख के|

खेल इस दुनिया के देखो आज बदल गए,
ताश के पत्तों के खिलाडी चार से नौ हो गए,
दावं पर सिक्कों की जगह जिन्दगी लग पड़ी,
लेकिन बंट रही हैं पत्तियां देख कर और चुन के|

जीत हार की बात तो अब रही नहीं,
हार को जान कर भी मैं कायर बन बैठा रहा,
ले सांस तब तक रहा मैं जब तक मैं नुच रहा,
डूबना जान कर भी तैरने की कोशिस से घबडा रहा|

टकरा जा लहरों से चाहे डूबा दे वो तुझे,
ख्वाब से बहार आ बना मंजिल खुद के,
मत सह हो रहे उन बैमानियों को
जो हो रहे खेल के मेज़ पर,
जीता कहलायेगा तू उस पार वीरगति के|

तू राह निर्माता बन, राहगीर कई बन जायेंगे|

कर कर कुछ ऐसा कर,
जमाना भूल न जाये तुझे,
आज स्वार्थ को तू भूल कर,
बाँट जल कि दूसरों की प्यास बुझे|
पग उठा न कर आलस आज तू,
निकल बाहर खुद के चैन को भूल कर,
रो रहा हर मानव खुद के दुःख से,
बंद कर रोना तू, जा पोछ दे आंसू उनके|
कोई प्यासा है, कोई है भूखा,
कोई कुछ खो कर आज बिलख रहा है,
हर कोई रोता रहा तो जीना कौन सिखाएगा,
कष्ट का याद करता रहा तो,
कोई कैसे मुस्कुराएगा?
जीवन तेरा आज प्राण किसी को दे जाएगी,
कोई हँस देगा देख तेरी मुस्कराहट,
कोई साथ देने खड़ा हो जायेगा|
ले पहला कदम तू साहस कर,
साथ कई हो जायेंगे,
मिला तेरे कंधे से कंधे निस्वार्थी वो हो जायेंगे|
अगुवाई कर तू, भूल जा कोई पीछे है या नहीं,
नदी बन बहता जा,
उसका रास्ता कोई रोक सकता नहीं,
कर निर्माण पथ का अपने तू,
किनारे खुद हरे भरे हो जायेंगे|
चाह कर भी ये ज़मानेवाले न भूल पायेगे|
तू राह निर्माता बन, राहगीर कई बन जायेंगे|

बना गए हमे यतीम!!!

One of my favourite teacher Mr B. K. Jaiswal unfortunately met a Car Crash and left this world leaving us in sorrow and grief.  May his Wife Neelam Madam and kids get enough strength to come over this hard time. This is my tribute for him.  May his soul rest in peace!

है रोता दिल मेरा आज,
बना गए यतीम वो ,
जिनकी छांव में सीखा हमने,
छोड़ गए हमे वो|
हमने तो चढ़ी थी सीढियाँ,
पग उठाया था हमने कभी,
साथ आपका कैसे भूलूं,
सिखाया आपने हर बार सही|

वो हँसता चेहरा,
वो होसले भरे शब्द,
गुनगुनाना संगीत जब मोका मिले तब,
कैसे भूलूं वो लम्हे वो छण|
कई दिल रोते हैं,
आज आपके गम में,
बुझ गया वो एक दिया,
जिसने बढाई रौशनी हममे|

हे खुदा तेरा हमने क्या बिगाड़ा,
क्या लिया है हमने तेरा,
छीन लेता है तू उन सबको,
जो बने सहारा मेरा,
तेरी हर एक कटाक्ष मेरे सिने
पर ही क्यों चलती है,
तेरी बदले की प्यास
क्यों नहीं बुझती है|

है रोता दिल मेरा आज,
बना गए यतीम वो ,
जिनकी छांव में सीखा हमने,
छोड़ गए हमे वो|